मस्त विचार 983
जिन्दगी एक पल हैँ, जिसमें न आज है न कल हैं,
जी लो इसको इस तरह,
कि जो भी आपसे मिले वो यही कहें,
बस यही “मेरी” जिन्दगी का सबसे हसीन पल हैं!
जी लो इसको इस तरह,
कि जो भी आपसे मिले वो यही कहें,
बस यही “मेरी” जिन्दगी का सबसे हसीन पल हैं!
रोज ही मेरे अंदर कोई नुक्स निकल आता है.
मरम्मतें रोज करता हूँ खुद की,
आनंद दोनों में है………….. तेरी रहमत के नग़मे सुन लूँ या सुना दूँ.
कभी मैं बोलता हूँ तो कभी चुप हो के सुनता हूँ,
रोज़ नया कल देकर, उम्र छीनती रहती है…..
ये जिंदगी अपनी बातों में हमें,,कभी-कभी उलझा ही लेती है…
कितना ही सुलझ जायें,,अपने से हम …