मस्त विचार 897
किसी का “काश” तो , किसी का “अगर” रह ही जाता है.
सब कुछ हासील नही होता जिंदगी में….
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किसी का “काश” तो , किसी का “अगर” रह ही जाता है.
सब कुछ हासील नही होता जिंदगी में….
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क्या कहें कितना मुश्किल है…अपनों में से…अपनों को ढूँढना….
क्यों कि सुधरना मुझे हैं उस को नही.
मेरी गलतियां मुझ से कहो दुसरों से नही,
मौन शब्दों से, नजरों की जुबां से, बातों को होने दो.
कुछ मत बोलो यार, बातों से मन टूट जाएगा.
मेरे रहते तुम उदास हो, अच्छी बात नहीं है.
गम के आस पास हो, अच्छी बात नहीं है.
क्योंकि उन्हें अच्छाइयों कि दिव्यता का,
ना तो ज्ञान होता है और ना अनुभव.