मस्त विचार 977
पागल हैं हम अपनी नींद उड़ा लेते हैं, जीवन अमृत्त कब हमको अच्छा लगता है, ज़हर हमें अच्छा लगता है खा लेते हैं.
पागल हैं हम अपनी नींद उड़ा लेते हैं, जीवन अमृत्त कब हमको अच्छा लगता है, ज़हर हमें अच्छा लगता है खा लेते हैं.
हादसे कुछ भी नही है हौसलों के आगे…!
“अपनी सोच में छोटा सा बदलाव करके ! “कि सामने वाला गलत नही है ! “सिर्फ हमारी उम्मीद से थोड़ा अलग है.
संघर्ष बिना ज़िन्दगी ये बस नाम की. मुकाम पर पहुँचा तू अपने वजूद को. हार जाएगा,परवाह की जो अंजाम की.
खुद ना रूठो पर सब को हँसा दो,
यही राज है ज़िन्दगी का, कि जियो और जीना सीखा दो.
बात ना करने से, बातें बन जाती है ……