मस्त विचार 919
इन आँखों से छलके अश्कों को जाम लिख दिया….. आज कुछ नहीं था लिखने को मेरे ज़हन में….. कोरे कागज़ पे मैंने तेरा नाम लिख दिया…..!!
इन आँखों से छलके अश्कों को जाम लिख दिया….. आज कुछ नहीं था लिखने को मेरे ज़हन में….. कोरे कागज़ पे मैंने तेरा नाम लिख दिया…..!!
उजाले में भी शोर मचाया करते थे. उसी दीए ने जला दिया हाथों को, जिस दीए को हम हवा से बचाया करते थे.
चाँद को निहारने वाला मै न था. तारों को गिनने वाला मै न था. ये तो तेरे साथ का असर है. वरना किसी को इतना, याद करने वाला मै न था.
भीतर से भी होंगे…….. हर समय खुश हाल रहना कोई हम से सीख ले सुख में सुखी और दुःख में दुखी रहना सभी कोई जानते सुख में दुःख में मस्त रहना कोई हम से सीख ले.
हालात जो भी हो…,होंठो पर मुस्कान रखो.