| Dec 9, 2015 | मस्त विचार
कोई भी मुझे मेरी आज्ञा के बिना दुखी नहीं कर सकता.
| Dec 9, 2015 | मस्त विचार
ज़िन्दगी तेरे साये में लोग रोज घुट- घुट कर मरते हैं,
ना जाने क्यूँ फिर भी लोग जीना तुझी को कहतें हैं.
| Dec 9, 2015 | मस्त विचार
ज़िन्दगी और मौत के बीच होने वाली हलचल का नाम ही ज़िन्दगी है.
कुछ लोग हमारे जीवन में केवल हलचल मचाने के लिए आते हैं, कुछ कहने नहीं..
_ कुछ जगाते हैं, फिर आगे बढ़ जाते हैं.!!
| Dec 7, 2015 | मस्त विचार
कोई भी फैसला, जब ये दिल करता है…
जवाब आसान और सवाल मुश्किल करता है…
| Dec 6, 2015 | मस्त विचार
सिक्के हमेशा आवाज करते हैं, मगर नोट खामोश रहते हैं.
_ इसलिए जब आपकी कीमत बढे तो शांत रहिए.
_अपनी हैसियत का शोर मचाने का जिम्मा आप से कम कीमत वालों के लिए है.
| Dec 5, 2015 | मस्त विचार
ये चन्द पंक्तियाँ जिसने भी लिखी है, खूब लिखी है
ग़लतियों से जुदा तू भी नही,
मैं भी नही,
दोनो इंसान हैं, खुदा तू भी नही,
मैं भी नही ..
” तू मुझे ओर मैं तुझे इल्ज़ाम देते हैं मगर,
अपने अंदर झाँकता तू भी नही,
मैं भी नही ” ..
” ग़लत फ़हमियों ने कर दी दोनो मैं पैदा दूरियाँ,
वरना फितरत का बुरा तू भी नही, मैं भी नही.