मस्त विचार 879

रिश्ते और रास्ते एक ही सिक्के के दो पहलू हैं…

कभी रिश्ते निभाते निभाते रास्ते खो जाते हैं,,,

और कभी रास्तों पर चलते चलते

रिश्ते बन जाते हैं…!

मस्त विचार 878

किन लफ़्ज़ों में बंया करूँ मैं अपने दर्द को..!

सुनने वाले तो बहुत हैं मगर समझने वाला कोई नहीं..!!

मस्त विचार 877

कभी पीठ पीछे आपकी बात चले तो घबराना मत

बात तो ” उन्ही की होती है ” जिन मे कोई ” बात ” होती है !!

मस्त विचार 876

लोग इन्तजार करते रह गये कि हमें टूटा हुआ देखें,

और हम थे कि सहते सहते पत्थर के हो गये..!!

मस्त विचार – ज़िंदगी की कश्मकश में क्यूं ना आज थोड़ा जीया जाए – 874

ज़िंदगी की कश्मकश में क्यूं ना आज थोड़ा जीया जाए.

दुख के इन कंबलों को मिल के आज सीया जाए.

टूटे हुए रिश्तों पे क्यूं ना थोड़ा रोया जाए.

प्यार का एक बीज उनमे मिल के आज बोया जाए.

बचपन की उन उड़ानों में क्यूं ना आज थोड़ा खोया जाए.

आँखों से छलकते आंसुओं की बारिश में आज भिगोया जाए.

अपनेपन के जाल में क्यूं ना दुश्मनो को भी फसाया जाए.

पुरानी नफरतें भूल कर उनको भी आज हंसाया जाए.

पछतावे  की आग में क्यूं ना थोड़ा नहाया जाए.

अहंकार और घमंड को मिल के आज बहाया जाए.

एक कतरा ज़िंदगी का क्यूं ना थोड़ा पीया जाए.

ज़िंदगी की कश्मकश में मिल के आज जीया जाए…..

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