मस्त विचार 873

अपनों के सितम का हिसाब क्या रखना..

जो बीत गया पल उसे याद क्या रखना…..

बस यही सोच कर मुस्कराते हैं हम,

अपने ग़मो से दूसरों को उदास क्यों रखना.

मस्त विचार 872

खुशियाँ मिलती नहीं .. कभी माँगने से .. “

” मंज़िल मिलती नहीं .. राह में रुक जाने से .. “

” भरोसा रखना हमेशा .. अपने आप पर .. “

” सब कुछ मिलता है .. सही वक़्त आने पर .. ”

मस्त विचार 869

“जब से परीक्षा वाली जिंदगी पूरी हुई है,

तब से जिंदगी की परीक्षा शुरु हो गई है..”

किताब लेकर… रोज मैं ढूँढता हूँ जवाब…..

जिंदगी है क़ि रोज…’सिलेबस’ के बाहर से ही पूछती है…

मस्त विचार 868

जीवन का होना प्रसन्न होने के लिए काफी है. हम जीवित हैं, यह पर्याप्त कारण है मन के प्रसन्न होने के लिए और होठों पर मुस्कान रखने के लिए.
error: Content is protected