मस्त विचार 867
कोई रुठे तो उसे मनाना सीखो … रिश्ते तो मिलते है मुकद्दर से, बस उन्हे खूबसूरती से निभाना सीखों…
कोई रुठे तो उसे मनाना सीखो … रिश्ते तो मिलते है मुकद्दर से, बस उन्हे खूबसूरती से निभाना सीखों…
तू हमें भुलाना सीखा दे, हम तुझे याद करना सीखा देते हैं.
दुनिया की नज़र है, मेरी किस्मत तो नहीं…..
जब इनसान किसी के काम आये..
वहां से किसी का अपमान मत करना. ये वक़्त बहोत दगाबाज है, कब पलटी मार दे ये पता नहीं चलता.
लोग हमें रुलाना नहीं छोड़ते, और हम हंसना नहीं छोड़ते…