मस्त विचार – वो दोस्त अब थकने लगे हैं – 947

साथ साथ जो खेले थे बचपन में,

वो दोस्त अब थकने लगे हैं …

किसीका पेट निकल आया है, किसीके बाल पकने लगे हैं …

सब पर भारी ज़िम्मेदारी है, सबको छोटी मोटी कोई बीमारी है…

दिनभर जो भागते दौड़ते थे, वो अब चलते चलते भी रुकने लगे हैं …

पर ये हकीकत है, सब दोस्त थकने लगे हैं …

किसी को लोन की फ़िक्र है, कहीं हेल्थ टेस्ट का ज़िक्र है…

फुर्सत की सब को कमी है, आँखों में अजीब सी नमीं है…

कल जो प्यार के ख़त लिखते थे, आज बीमे के फार्म भरने में लगे हैं …

पर ये हकीकत है, सब दोस्त थकने लगे हैं …

देख कर पुरानी तस्वीरें, आज जी भर आता है…

क्या अजीब शै है ये वक़्त भी, किस तरहा ये गुज़र जाता है…

कल का जवान दोस्त मेरा, आज अधेड़ नज़र आता है…

ख़्वाब सजाते थे जो कभी, आज गुज़रे दिनों में खोने लगे हैं …

पर ये हकीकत है, सब दोस्त थकने लगे हैं ..

मस्त विचार 946

जो आँसू दिल में गिरते हैं वो आँखों में नहीं रहते;

बहुत से हर्फ़ ऐसे हैं जो लफ़्ज़ों में नहीं रहते;

किताबों में लिखे जाते हैं दुनिया भर के अफ़साने;

मगर जिन में हक़ीक़त हो वो किताबों में नहीं रहते…!!! 

मस्त विचार 942

जो कल था उसे भूल कर तो देख

जो आज है उसे जी कर तो देख,

आने वाला पल खुद ही सँवर जाएगा

एक बार मेरे यार को याद कर के तो देख. 

error: Content is protected