| Jan 27, 2016 | मस्त विचार
शिकायतें तो बहुत थी जमाने से,
जो जवाब मांगने निकला तो,
खुद को सवालों से घिरे पाया,
सोचा, लोगों को उनकी असलियत
बता दूँ,
जब देखा सामने तो,
खुद को आइने के सामने पाया.
परेशानी का सबब बनना है आसान,
रास्ता निकालना जरा है मुश्किल.
सबके साथ चल, सबकी बात कर,
साथी हैं सब सफर के.
तंग है तो क्या मलाल है.
आज है गम तो, कल खुशहाल है.
सुख-दुख तो मौसम हैं जीवन के,
बदल जायेगा मौसम,
रात ऋतु के बदलते.
रोता हुआ आया था,
रुलाते हुए जाना है.
सबकी ख़ुशी में शरीक हो ले,
कट जाएगा रास्ता,
फिर हँसते-हँसते.
जो हासिल है, वो भी कम तो नहीं.
बन जा सहारा किसी डूबते का,
चाहे खुद को तिनका समझ कर. Pk
| Jan 26, 2016 | मस्त विचार
क्या मिलेगा दिल में नफरत रख के,
बङी छोटी हैं ये ज़िन्दगी, मुस्करा के मिला करो !
| Jan 25, 2016 | मस्त विचार
समझ ……… कोई बात तत्काल उसी समय समझ में आ जाती है, कोई कुछ घण्टों में समझ आती है, कुछ को कुछ दिन, किसी बात को कुछ महीने और साल लग जाते हैं, कुछ बात दूसरे के दृष्टिकोण से सही होने पर भी हमें समझ नहीं आती. अतः बहस बहुत विचार कर करें और किसी बात को प्रतिष्ठा का प्रश्न कभी न बनाएँ.
| Jan 24, 2016 | मस्त विचार
अब तो किस्मत ही मिला दे तो मिला दे,
वरना हम तो बिछड़ गए हैं तुमसे
तूफ़ान में परिंदों की तरह.
| Jan 23, 2016 | मस्त विचार
खुश रहने का सीधा सा एक ही मंत्र,
उम्मीद अपने आप से रखो… किसी और से नहीं.
| Jan 22, 2016 | मस्त विचार
अल्फाज नही है तुम्हारी यादों को बयां करने के लिए…
बस इतना कह सकता हूँ बहुत याद आते हो “तुम”…