| Jan 21, 2016 | मस्त विचार
आज भी उन राहों पे, तेरे कदम ढूंढ़ते हैं हम.
जिन पलों में तू था, वे पल ढूंढ़ते हैं हम.
कारवां खुशी का, जाने कब गुजर गया.
रेत पर अब उस के, निशान ढूंढ़ते हैं हम.
दुनिया की भीड़ में, कहाँ खो गया है वो.
हर गली में, उनका मकान ढूंढ़ते हैं हम.
कर भी नहीं गया, वादा वो आने का.
फिर भी हर आहट में, उसे ढूंढ़ते हैं हम.
| Jan 20, 2016 | मस्त विचार
सीढ़ियां उन्हे मुबारक हो, जिन्हे छत तक जाना है..
मेरी मंज़िल तो आसमान है.. रास्ता मुझे खुद बनाना है.
| Jan 20, 2016 | मस्त विचार
मुझे मतलब नहीं कोई, किसी भी कौम मजहब से.
मैं खुद को ऎसी बातों से, जरा अंजान रखता हूँ.
| Jan 19, 2016 | मस्त विचार
दीया जला सकते हो तो जलाओ.
जलते हुए में घी डाल सकते हो, तो डालो.
और यह भी नहीं कर सकते तो, मत करो.
लेकिन जलते हुए दीये को बुझाओ मत.
| Jan 18, 2016 | मस्त विचार
अक्सर यूँ ही एक सवाल आता है उमड़ कर जेहन में मेरे,
आज बे वजह क्यूँ भूल गये कल तक बेवजह चाहने वाले.
| Jan 17, 2016 | मस्त विचार
खुद को खोने का पता ही न चला….
किसी को पाने की यूँ इन्तहा कर दी मैंने……