मस्त विचार 835

हर जलते दीपक तले अँधेरा होता है,

हर रात के बाद सवेरा होता है,

लोग डर जाते हैं मुसीबतों को देखकर,

पर मुसीबतों के बाद ही तो कामयाबी का सवेरा होता है ..

मस्त विचार 833

क्या क्या न कहा लोगों ने

मगर यकीन हम ने तो अपने यकीन पे किया

बाहर से टूटता रहा सब

पर भीतर से एक शीशा भी हम ने तड़कने न दिया.

मस्त विचार 830

खुद से भी रूबरू कभी करा दे मेरे मालिक मुझ को…….

कब तक यूँ परायों में अपने होने के निशां ढूंढता फिरूँ……..

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