मस्त विचार 807

मिल जाए कोई ऐसा, जो खामियां बताए मेरी.

वरना लोगों की वाह -वाह में, खुद को न जाने क्या समझ बैठे.

मस्त विचार 806

इंसान के अंदर जो समा जायें वो ” स्वाभिमान “

और जो इंसान के बाहर छलक जायें वो ” अभिमान ”

मस्त विचार 805

दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे, ऐ दोस्त…

जब बरसी ख़ुशियाँ न जाने भीड़ कहां से आ गयी..!!

मस्त विचार 804

अगर आपको देखना ही है तो हर एक कि विशेषतांए देखिये,

स्वयं का बचाव करने के लिए ..कभी भी दूसरों पर दोषारोपण न करें,

_ क्यों कि समय के पास…..सत्य को प्रकट करने का अपना तरीका है.

आजकल लोग जो सही है ..उसका बचाव नहीं करते,

_ वे उसका बचाव करते हैं..जिससे उन्हें फायदा होता है..!!

मस्त विचार 803

ख़ुशी किसी चीज या बात का नतीजा नही..

बल्कि.. यह तो आपकी च्वाइस है..

जब तक आप खुद खुश नही रहना चाहेंगे,

आप को कोई खुश नहीं कर सकता..

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