मस्त विचार 823
जब भी उदास हुआ जीवन में, तू ही साथ रहा मेरे जीवन में, जब खराब होता था मन बेहद, चुपचाप बैठे रहना चाहता था अँधेरे में, तू ने ही निकाला है अँधेरे से जीवन में. मैंने महसूस किया है जीवन में.
जब भी उदास हुआ जीवन में, तू ही साथ रहा मेरे जीवन में, जब खराब होता था मन बेहद, चुपचाप बैठे रहना चाहता था अँधेरे में, तू ने ही निकाला है अँधेरे से जीवन में. मैंने महसूस किया है जीवन में.
बड़ी मुश्किल से वो राज़ी हुआ है साथ चलने को………
तो देखा….हर पन्ना तेरी ही रहमतों से भरा था…
मासूम सा चेहरा है उदास अच्छा नही लगता……..
एक जान है जब दिल चाहें मांग लेना…….
वो रोज़ जोड़ती है मुझे., फिर से तोड़ने के लिए……