मस्त विचार 817
जिन्दगी के सफर से, बस इतना ही सबक सीखा है.
सहारा कोई कोई ही देता है,
धक्का देने को हर शख्स तैयार बैठा है.
सहारा कोई कोई ही देता है,
धक्का देने को हर शख्स तैयार बैठा है.
बड़े बड़े लोग आपके बारे मे सोचना शुरू कर देंगे..!!
जिस दिन आप ने अपनी सोच बड़ी कर ली ,
जिन को जो समझा था, वो नहीं निकले.
जिंदगी ने ये सबक सिखला दिया है.
…………तो…… भी…… मैं…..रह जायेगा तू आजा मुझ मे…………. फिर तू ही रह जायेगा…
मैं मिटा दू अपने को
मंजिल पता है के मौत है, फिर भी दौड़ रही है…
ऐ जिन्दगी, तेरे जज़्बे को सलाम…
उसे कोई भी हरा नहीं सकता है.
जो व्यक्ति कभी हार नहीं मानता,