मस्त विचार 795
…………जमाने को करवटें बदलते हुए.
न इतराइये, देर लगती है क्या,,,,,,,,,,,,,
…………जमाने को करवटें बदलते हुए.
न इतराइये, देर लगती है क्या,,,,,,,,,,,,,
क्यों कि बड़ी-बड़ी बातें तो जीवन में चंद ही होती हैं.
छोटी-छोटी बातों में आनन्द खोज़ना चाहिए,
पर तुम ढूँढ लो हम जैसा, मुमकिन ये भी नहीं.
कोई मिल जाए तुम जैसा ,यह तो बहुत मुश्किल है,
जरा सोचिए, जितना आप को मिला है, उतना कितनों को मिला है.
लेकिन सुंदरता अच्छे स्वभाव के अभाव में पूर्ति नहीं कर सकती.
अपने जीवन को शान्त, मधुर, उत्साह एवं प्रसन्नता से भरपूर बनाएँ.