मस्त विचार 782
_ परंतु गरीबी से तो कुछ भी खरीदा नहीं जा सकता..!!!
परंतु उस के अवगुण भी दूसरों को सदगुण लगते हैं, जब कि गरीबी मनुष्य से उस के सदगुणों को भी छीन लेती है.
_ परंतु गरीबी से तो कुछ भी खरीदा नहीं जा सकता..!!!
परंतु उस के अवगुण भी दूसरों को सदगुण लगते हैं, जब कि गरीबी मनुष्य से उस के सदगुणों को भी छीन लेती है.
तो वह ठोकर ठोकर नहीं होती,
वह तो आप के लिए एक सीख बन जाती है.
उसके बारे में गलत अफवाहें न फैलायें. बिना तथ्यों व सच्चाई को जाने अगर आप किसी के बारे में कुछ बोलते हैं तो यह आदत घूम- फिर कर आपको ही नुक़सान पहुँचाएगी.
एक यही किस्सा मशहुर है जिन्दगी का. बिते हुए पल कभी लौट कर नही आते, यही सबसे बड़ा कसूर हैं जिन्दगी का.
संकल्प एक ही काफ़ी है, मंज़िल तक जाने के लिए..