मस्त विचार 782

मैं मानता हूं पैसे से सबकुछ खरीदा नहीं जा सकता

_ परंतु गरीबी से तो कुछ भी खरीदा नहीं जा सकता..!!!

संपन्नता मनुष्य में बहुत सारे गुणअवगुण भर देती है,

परंतु उस के अवगुण भी दूसरों को सदगुण लगते हैं,

जब कि गरीबी मनुष्य से उस के सदगुणों को भी छीन लेती है.

मस्त विचार 781

जीवन के किसी दुःख या ठोकर से इन्सान सबक ले ले,

तो वह ठोकर ठोकर नहीं होती,

वह तो आप के लिए एक सीख बन जाती है.

मस्त विचार 780

किसी भी इन्सान के बारे में बुरी बात कहने से बचें,

उसके बारे में गलत अफवाहें न फैलायें.

बिना तथ्यों व सच्चाई को जाने

अगर आप किसी के बारे में कुछ बोलते हैं तो

यह आदत घूम- फिर कर आपको ही नुक़सान पहुँचाएगी.

मस्त विचार 778

हँस कर जीना दसतुर है जिन्दगी का,

एक यही किस्सा मशहुर है जिन्दगी का.

बिते हुए पल कभी लौट कर नही आते,

यही सबसे बड़ा कसूर हैं जिन्दगी का.

मस्त विचार 777

विकल्प मिलेंगे बहुत, मार्ग भटकाने के लिए,

संकल्प एक ही काफ़ी है, मंज़िल तक जाने के लिए..

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