मस्त विचार 729

नज़र चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है प्यार करना,

क्या बताएं इस दिलका आलम, नसीब मैं लिखा है इंतज़ार करना..

मस्त विचार 728

ये तुझे भी पता है कि मुझे भी पता है.

ये मुझे भी पता है कि तुझे क्या पता है.

तेरे पते को और मेरे पते को,

ये भी पता है कि क्या क्या पता है.

मस्त विचार 727

समस्या” के बारे में सोचने से, बहाने मिलते हैं,

“समाधान” के बारे में सोचने पर रास्ते मिलते हैं…

 

मस्त विचार 726

अच्छे शब्दों को ध्यानपूर्वक सुनें, चाहे वे थोड़े- से ही क्यों न हों.

क्योंकि वे थोड़े- से ही शब्द आपकी शान में मुनासिब तरक्की करेंगे.

error: Content is protected