मस्त विचार 730
लोग खुशियाँ डालते कम, उठाते ज्यादा है…
जिन्दगी अंधे भिखारी का कटोरा है…
लोग खुशियाँ डालते कम, उठाते ज्यादा है…
जिन्दगी अंधे भिखारी का कटोरा है…
क्या बताएं इस दिलका आलम, नसीब मैं लिखा है इंतज़ार करना..
नज़र चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है प्यार करना,
ये मुझे भी पता है कि तुझे क्या पता है. तेरे पते को और मेरे पते को, ये भी पता है कि क्या क्या पता है.
ये तुझे भी पता है कि मुझे भी पता है.
“समाधान” के बारे में सोचने पर रास्ते मिलते हैं…
समस्या” के बारे में सोचने से, बहाने मिलते हैं,
क्योंकि वे थोड़े- से ही शब्द आपकी शान में मुनासिब तरक्की करेंगे.
पर खुशी हमेशा पागल बनने पर ही मिली है!!
बहुत देखा जिन्दगी में समझदार बनकर !