मस्त विचार 716

एक रस्सी है जिसका एक सिरा ख्वाहिशों ने पकड़ रखा है और दूसरा औकात ने और इसी खींचातानी का नाम जिंदगी है…!!!

मस्त विचार 715

तू” मुझमेँ पहले भी था “तू ” मुझमें अब भी है,

पहले मेरे लफ़्ज़ों में था .. अब मेरी खामोशियों में है…!!

मस्त विचार 713

किसी से बदला लेने का आनन्द, दो चार दिन ही रहेगा.

माफ़ कर देने का आनन्द, ज़िन्दगी भर रहेगा.

मस्त विचार 712

आप किसी की भी तारीफ़ कितनी भी कर सकते हो,

लेकिन……बेइज्जती हमेशा नाप तोल कर करना,

क्यों कि ये वो उधार है

जो हर कोई ब्याज सहित चुकाने के लिए मरा जाता है.

मस्त विचार 711

कुछ दोस्तों ने हमको भी मशहूर कर दिया !

गम में भी मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया !!

आप भी शामिल हैं उन गिनती के लोगों में !

जिन्होंने हमें काँच से कोहिनूर कर दिया !!

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