एक रस्सी है
जिसका एक सिरा ख्वाहिशों ने पकड़ रखा है
और दूसरा औकात ने
और इसी खींचातानी का नाम जिंदगी है…!!!
मस्त विचार 715
पहले मेरे लफ़्ज़ों में था .. अब मेरी खामोशियों में है…!!
तू” मुझमेँ पहले भी था “तू ” मुझमें अब भी है,
मस्त विचार 714
कि एक मुद्दत से ढूंढ़ रहा हूँ कसूर अपना…!!
कुछ इस अदा से तोड़े हैं ताल्लुक उसने,
मस्त विचार 713
माफ़ कर देने का आनन्द, ज़िन्दगी भर रहेगा.
किसी से बदला लेने का आनन्द, दो चार दिन ही रहेगा.
मस्त विचार 712
लेकिन……बेइज्जती हमेशा नाप तोल कर करना, क्यों कि ये वो उधार है जो हर कोई ब्याज सहित चुकाने के लिए मरा जाता है.
आप किसी की भी तारीफ़ कितनी भी कर सकते हो,
मस्त विचार 711
गम में भी मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया !! आप भी शामिल हैं उन गिनती के लोगों में ! जिन्होंने हमें काँच से कोहिनूर कर दिया !!
कुछ दोस्तों ने हमको भी मशहूर कर दिया !





