मस्त विचार 768
किसी की फितरत देखनी हो तो उसे आजादी दो.
किसी की नीयत देखनी हो तो उसे कर्ज दो.
किसी के गुण देखने हो तो उस के साथ खाना खाओ.
किसी का सब्र देखना हो तो उसे हिदायत दे कर देख लो.
किसी की अच्छाई देखनी हो तो उस से सलाह ले लो.
किसी की फितरत देखनी हो तो उसे आजादी दो.
किसी की नीयत देखनी हो तो उसे कर्ज दो.
किसी के गुण देखने हो तो उस के साथ खाना खाओ.
किसी का सब्र देखना हो तो उसे हिदायत दे कर देख लो.
किसी की अच्छाई देखनी हो तो उस से सलाह ले लो.
_ हकीकत को गले लगा _ उसके साथ मुस्कुराते हुए _ ज़िंदग़ी जी जाए…
मुहब्बत कर लेते…..मै खुद ही हार जाता.
उस से सुविधाएँ ले सकते हैं, थोड़ा आराम ले सकते हैं — सुख शान्ति नहीं.
बड़े नसीबों से ऐसा कोई शख़्स मिलता है..!!”