मस्त विचार 704

सफ़ाई देने में, और स्पष्ट करने में अपना समय बर्बाद न करें.

लोग वही सुनते है, जो वे सुनना चाहते हैं…

मस्त विचार 702

बेच जरूर दिया है किस्मत ने मुझे

समय के हाथों, पर मै बेचारा नहीं हूँ.

अकेला हूँ, तनहा हूँ.

लेकिन तनहाइयों से डरा नहीं हूँ.

मै थक जरूर गया हूँ दोस्तों,

पर अभी तक हारा नहीं हूँ.

मै फिर उठ खड़ा हुआ हूँ दोस्तों,

जिन्दा हूँ, अभी तक मरा नहीं हूँ.

मस्त विचार 700

शिकायतें तो बहुत हैं तुझ से ऐ जिंदगी

पर चुप इसलिये हूँ कि जो दिया तू ने

वो भी बहुतों को नसीब भी नही होता.

मस्त विचार 699

मै कुछ इस तरह गुनगुनाने लगा हूँ,

गीत तेरा हर वक़्त गाने लगा हूँ,

तू मिल गया है सारा आलम महका,

झूमते झूमते खुद पे इतराने लगा हूँ,

error: Content is protected