मस्त विचार 756

मंजिल इन्सान के हौसले आजमाती है.

सपनों के परदे आँखों से हटाती है.

किसी भी बात से हिम्मत न हारना.

क्यों कि ठोकर ही इन्सान को

चलना सिखाती है.

मस्त विचार 755

“कुछ अलग करना है तो जरा भीड़ से हटकर चलें,,

क्यों कि भीड़ साहस तो देती है लेकिन पहचान छीन लेती है.”

मस्त विचार 753

” करनी हैं खुदा से गुज़ारिश

तेरी यारी के सिवा कोई बदंगी न मिले,,

हर जनम मे मिले यार तेरे जैसा

या फिर कभी जिंदगी न मिले. ”

मस्त विचार 751

कुछ इसलिए भी पंसद आते है, सच बोलने वाले लोग,

कि वो…खुद टुट जाते है,

मगर किसी का दिल टुटने नही देते …..!!!!

error: Content is protected