मस्त विचार 750
अब हँसने को तमीज़ चाहिए और अशको को तनहाई.
अब हँसने को तमीज़ चाहिए और अशको को तनहाई.
मुसीबत हम पे रोती है, हम रोते हैं मुसीबत पर.
तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!
जिनका इस जमाने मे कोई मरहम नहीं होता..
जो दिल में उतर गये. और कुछ ऐसे भी मिले, जो दिल से उतर गये. मुश्किल में हाथ थामा अनजानों ने, पहचान वाले तो साफ़ मुकर गये.
क्यूंकि..पानी से खून साफ़ कर सकते हैं, लेकिन खून से खून नहीं.