मस्त विचार 750

बचपन मे जब चाहा हँस लेते थे जहाँ चाहा रो सकते थे,

अब हँसने को तमीज़ चाहिए और अशको को तनहाई.

मस्त विचार 748

इतने बुरे ना थे जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ….

तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!

मस्त विचार 746

मेरे शहर में कुछ ऐसे लोग मिले,

जो दिल में उतर गये.

और कुछ ऐसे भी मिले,

जो दिल से उतर गये.

मुश्किल में हाथ थामा अनजानों ने,

पहचान वाले तो साफ़ मुकर गये.

मस्त विचार 745

अच्छे के साथ अच्छे रहें, लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनें.

क्यूंकि..पानी से खून साफ़ कर सकते हैं, लेकिन खून से खून नहीं.

error: Content is protected