मस्त विचार 664

कोशिश कर, हल निकलेगा

आज नही तो, कल निकलेगा.

मेहनत कर, पौधों को पानी दे,

बंजर जमीन से भी फल निकलेगा.

ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,

फौलाद का भी बल निकलेगा.

जिन्दा रख, दिल में उम्मीदों को,

समन्दर से भी गंगा जल निकलेगा.

कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की,

जो है आज थमा-थमा सा, वो चल निकलेगा.

मस्त विचार 660

रोज हम सुबह उठते ही ड्रेस सिलेक्ट करते हैं, आज कौन सी ड्रेस पहननी है. क्या हम सुबह उठते ही अपने विचारों को भी सिलेक्ट करते हैं,

आज हमारे विचार कैसे होंगे ? पूछें अपने आप से ?

मस्त विचार 659

चापलूसी का जहरीला प्याला आपको तब तक नुकसान नहीं पहुँचा सकता.

जब तक कि आपके कान उसे अमृत समझ कर पी न जाएं..!!!

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