मस्त विचार 738
इनको हमेशा इंसान ही क़त्ल करता है, नफ़रत से.. नजरअंदाजी से.. तो कभी गलतफ़हमी से…!!
रिश्ते कभी भी कुदरती मौत नहीं मरते..
इनको हमेशा इंसान ही क़त्ल करता है, नफ़रत से.. नजरअंदाजी से.. तो कभी गलतफ़हमी से…!!
रिश्ते कभी भी कुदरती मौत नहीं मरते..
दोस्तो से जंग हो तो हार जाना चाहिए !!
ज़िन्दगी का ये हुनर भी आजमाना चाहिए,
चिराग सब के बुझते हैं, हवा किसी की नहीं होती.
अपनी रोशनी की बुलंदी पर, कभी न इतराना.
जो तुमको देख ही नहीं पातीं…..
मैंने तो सुना है मेरे यार
तुम उनको भी नजर आते हो
जिनकी आंखे नहीं होतीं….
मैं अपना दर्द अब कम बांटता हूँ.
एक “कामयाबी” ही है, जो ठोकर खाकर ही मिलती है.
दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है,