मस्त विचार 658
हर इंसान मुँह पर अपना दिखता है और पीठ पीछे वार कर देता है.
हर इंसान मुँह पर अपना दिखता है और पीठ पीछे वार कर देता है.
कर्मों का तूफ़ान पैदा करें, सारे दरवाजे खुल जायेंगे.! परिस्थितिया जब विपरीत होती हैं, तब “प्रभाव और पैसा” नहीं “स्वभाव और सम्बंध” काम आते हैं.
मन ऐसा रखो कि, किसी को बुरा न लगे. दिल ऐसा रखो कि, किसी को दुःखी न करें. स्पर्श ऐसा रखो कि, किसी को दर्द न हो. रिश्ता ऐसा रखो कि, उसका अंत न हो.
जो प्रभावशाली है.
तो यह एक अवसर है कि, उससे कुछ सीख ली जाए.
अपने उजड़े हुए जीवन को सौन्दर्य से भर दो.