मस्त विचार 4822
सुकून जिनकी बातों से मिलता है,
उनकी ही ख़ामोशी मार देती है.
उनकी ही ख़ामोशी मार देती है.
जिनका जिक्र मैं किसी से भी नहीं कर सकता…खुद से भी नहीं…!!!!
क्योंकि कुछ जवाब बस मालूम होते हैं..
_*और दूसरों के गुनाह छुपाना..* *आप के “किरदार”* *का इम्तेहान है….
लेकिन किसी को जीतना बहुत कठिन होता है.
कभी मुस्कुरा कर जिंदा करते हो, कभी मुस्कुरा कर मार देते हो..