मस्त विचार 646

मुश्किल से जब- जब मै गुजरा, पहले से भी ज्यादा निखरा.

कठिनाई हार गई मुझ से, पर मै तो ना बिलकुल बिखरा.

पैसों की भी देखी तंगी, बीमारी भी आई नंगी.

मै झेल गया विपदा सारी, पर ना मैंने हिम्मत हारी.

ना इन सबने लाचार किया, मैंने हर सपना साकार किया.

जीवन जीने की शैली को, मैंने एक नया आकार दिया.

मस्त विचार 644

तेरी तलाश में निकला हूँ मै इस तूफान में,

ना मिला तू, तो मै थक कर आ गया घर में,

घर में कदम रखते ही, लगा मेरे पीछे ही आ गया तू,

मिला तू मुझे मेरे ही में,

मै शायद भूल गया और बेवजह निकल पड़ा बाहर,

तू मिल गया मुझे मेरे ही में . 

मस्त विचार 643

कल को आज कर दो, उम्र को बेताज कर दो.

जिन्दगी को परवाज कर दो.

फिर खुशियाँ सब साथ होगी, मंजिल भी तुम्हारे पास होगी.

मस्त विचार 641

इज्जत हमेशा इज्जतदार लोग ही करते हैं,

क्यों कि…….

जिन के पास खुद इज्जत नहीं…..

वो किसी और को क्या इज्जत देंगे.

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