मस्त विचार 668

इन्सान मकान बदलता है, वस्त्र बदलता है, सम्बन्ध बदलता है, फिर भी दुःखी रहता है-

क्यूँकि वह अपना स्वभाव नहीं बदलता.

मस्त विचार 667

बनावटी लोगों से संभल कर रहना,

पहले रो- रोकर आपके दुःख दर्द पूछेंगे,

फिर हंस हंस के जमाने वालों को बताएंगे.

मस्त विचार 666

ज़िंदगी में जब मुसीबत आये, तब सम्भव हो तो किसी से मदद मत मांगना.

क्योंकि मुसीबत चार दिन की और एहसान ज़िंदगी भर का.

मस्त विचार 665

दुनिया में कोई भी व्यक्ति अशान्त रहना नहीं चाहता,

मगर फिर भी अशान्ति वाले कार्य करने से बाज नहीं आता.

मस्त विचार 664

कोशिश कर, हल निकलेगा

आज नही तो, कल निकलेगा.

मेहनत कर, पौधों को पानी दे,

बंजर जमीन से भी फल निकलेगा.

ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,

फौलाद का भी बल निकलेगा.

जिन्दा रख, दिल में उम्मीदों को,

समन्दर से भी गंगा जल निकलेगा.

कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की,

जो है आज थमा-थमा सा, वो चल निकलेगा.

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