मस्त विचार 720

अच्छे समय से ज्यादा अच्छे इन्सान के साथ रिश्ता रखो.

क्योंकि अच्छा इन्सान अच्छा समय ला सकता है,

लेकिन अच्छा समय

अच्छा इन्सान नहीं ला सकता.

मस्त विचार 719

आ लिख दूँ कुछ तेरे बारे में, मुझे पता है कि,

तू रोज़ ढूँढ़ता है खुद को मेरे अल्फाज़ों मे..

मस्त विचार 717

टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया,

वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी..

मस्त विचार 716

एक रस्सी है जिसका एक सिरा ख्वाहिशों ने पकड़ रखा है और दूसरा औकात ने और इसी खींचातानी का नाम जिंदगी है…!!!

मस्त विचार 715

तू” मुझमेँ पहले भी था “तू ” मुझमें अब भी है,

पहले मेरे लफ़्ज़ों में था .. अब मेरी खामोशियों में है…!!

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