मस्त विचार 660

रोज हम सुबह उठते ही ड्रेस सिलेक्ट करते हैं, आज कौन सी ड्रेस पहननी है. क्या हम सुबह उठते ही अपने विचारों को भी सिलेक्ट करते हैं,

आज हमारे विचार कैसे होंगे ? पूछें अपने आप से ?

मस्त विचार 659

चापलूसी का जहरीला प्याला आपको तब तक नुकसान नहीं पहुँचा सकता.

जब तक कि आपके कान उसे अमृत समझ कर पी न जाएं..!!!

मस्त विचार 658

यकीन करें तो किस पर करें जनाब,

हर इंसान मुँह पर अपना दिखता है और पीठ पीछे वार कर देता है.

मस्त विचार 657

भाग्य के दरवाजे पर, सर पीटने से बेहतर है,

कर्मों का तूफ़ान पैदा करें, सारे दरवाजे खुल जायेंगे.!

परिस्थितिया जब विपरीत होती हैं,

तब “प्रभाव और पैसा” नहीं

“स्वभाव और सम्बंध” काम आते हैं.

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