मस्त विचार 720
क्योंकि अच्छा इन्सान अच्छा समय ला सकता है, लेकिन अच्छा समय अच्छा इन्सान नहीं ला सकता.
अच्छे समय से ज्यादा अच्छे इन्सान के साथ रिश्ता रखो.
क्योंकि अच्छा इन्सान अच्छा समय ला सकता है, लेकिन अच्छा समय अच्छा इन्सान नहीं ला सकता.
अच्छे समय से ज्यादा अच्छे इन्सान के साथ रिश्ता रखो.
तू रोज़ ढूँढ़ता है खुद को मेरे अल्फाज़ों मे..
आ लिख दूँ कुछ तेरे बारे में, मुझे पता है कि,
लोग भी…रिश्ते भी…और कभी कभी हम खुद भी…
वक्त के साथ साथ सब कुछ बदल जाता है…
वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी..
टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया,
पहले मेरे लफ़्ज़ों में था .. अब मेरी खामोशियों में है…!!
तू” मुझमेँ पहले भी था “तू ” मुझमें अब भी है,