| Apr 1, 2015 | मस्त विचार
बदली-बदली दुनिया है ये बदले-बदले लोग हैं,
भारी – भारी बातें हैं पर हल्के हल्के लोग हैं.
पता नहीं कब दोस्त यहाँ अपना दुश्मन बन जाएगा,
गहरे – गहरे वादे हैं पर उथले – उथले लोग हैं.
बगुला भगत बने फिरते पर हंस खूब कहलाते हैं,
भीतर से काले, ऊपर से उजले – उजले लोग हैं.
डांवाडोल लिए दिल फिरते, बातें करते सधी हुयी,
जाने किस मद में हैं डूबे बहके – बहके लोग हैं.
मेरी मानो तो दुनियाँ की बातों में मत आ जाना,
भीतर तो दुर्गंध लिए, पर महके – महके लोग हैं.
| Mar 31, 2015 | मस्त विचार
वो चेहरा जो मेरी आँखों में आबाद हो गया….
मैने उसे इतना पढ़ा, कि मुझे याद हो गया.
| Mar 29, 2015 | मस्त विचार
इंसान सुनता आधा है, समझता चौथाई है,
सोचता शून्य है और प्रतिक्रिया दुगुनी देता है.
| Mar 29, 2015 | मस्त विचार
जिंदगी में हमेशा सबकी ” कमी ” बनो
पर कभी किसी की ” जरुरत ” नहीं
क्योंकि ” जरूरतें ” तो हर कोई पूरी कर सकता है
पर किसी की ” कमी ” कोई पूरी नहीं कर सकता.
| Mar 27, 2015 | मस्त विचार
छोटी- छोटी खुशियों की तलाश कभी बन्द न करें.
छोटी- छोटी खुशियों को अपने आस-पास तलाश करें,
जो आपको ताजगी और सुकून देती हो.
| Mar 26, 2015 | मस्त विचार
मैं उठना चाहता हूं, दौड़ना चाहता हूं, गिरना भी चाहता हूं…
बस रुकना नहीं चाहता……………….