मस्त विचार 640

बदली-बदली दुनिया है ये बदले-बदले लोग हैं,

भारी – भारी बातें हैं पर हल्के हल्के लोग हैं.

पता नहीं कब दोस्त यहाँ अपना दुश्मन बन जाएगा,

गहरे – गहरे वादे हैं पर उथले – उथले लोग हैं.

बगुला भगत बने फिरते पर हंस खूब कहलाते हैं,

भीतर से काले, ऊपर से उजले – उजले लोग हैं.

डांवाडोल लिए दिल फिरते, बातें करते सधी हुयी,

जाने किस मद में हैं डूबे बहके – बहके लोग हैं.

मेरी मानो तो दुनियाँ की बातों में मत आ जाना,

भीतर तो दुर्गंध लिए, पर महके – महके लोग हैं.

मस्त विचार 637

जिंदगी में हमेशा सबकी ” कमी ” बनो

पर कभी किसी की ” जरुरत ” नहीं

क्योंकि ” जरूरतें ” तो हर कोई पूरी कर सकता है

पर किसी की ” कमी ” कोई पूरी नहीं कर सकता.

मस्त विचार 636

छोटी- छोटी खुशियों की तलाश कभी बन्द न करें.

छोटी- छोटी खुशियों को अपने आस-पास तलाश करें,

जो आपको ताजगी और सुकून देती हो.

error: Content is protected