मस्त विचार 656
मन ऐसा रखो कि, किसी को बुरा न लगे. दिल ऐसा रखो कि, किसी को दुःखी न करें. स्पर्श ऐसा रखो कि, किसी को दर्द न हो. रिश्ता ऐसा रखो कि, उसका अंत न हो.
जीवन बहुत सुंदर है, इसे और सुंदर बनाओ.
मन ऐसा रखो कि, किसी को बुरा न लगे. दिल ऐसा रखो कि, किसी को दुःखी न करें. स्पर्श ऐसा रखो कि, किसी को दर्द न हो. रिश्ता ऐसा रखो कि, उसका अंत न हो.
जीवन बहुत सुंदर है, इसे और सुंदर बनाओ.
बढ़ती उम्र के साथ हमें बूढ़े नहीं, बड़े होना चाहिए.
जो प्रभावशाली है.
तो यह एक अवसर है कि, उससे कुछ सीख ली जाए.
अपने उजड़े हुए जीवन को सौन्दर्य से भर दो.
ज्ञान की खुशबू से………..
अब तो तेरी याद भी आती है आँखें रो देती हैं….
मगर जो जिंदा हैं उसे समझने वाला एक भी नही मिलेगा……।
मरने वाले को रोने वाले हज़ार मिल जाएगे ……।