मस्त विचार 634

छोटा नही है मुझ पर एहसान तेरा अल्लाह

जो मुफ्त में है बख्शी वो शय है माशाअल्लाह…

तूने जो आँखे बख्शी है नूर ज़िन्दगी का

है आँखों से ही जिन्दा सरूर ज़िन्दगी का…।

गर आँख ही न होती तो फिर भला क्या होता

मैं बोझ ढोता फिरता मजबूर ज़िन्दगी का….।

जो हाथ तूने बख्शे है लाजवाब मौला

है इनकी मेहरबानी हूँ कामयाब मौला….

दुनिया में नही दिखता इनका जवाब मौला

देखूं इन्हें तो होता तूं बेनकाब मौला…..।

मैं अपनी मंजिलो से ताउम्र गैर होता

तूने दिया न मुझको गर दोस्त पैर होता…

ये साथ हर मुश्किल में होता नही जुदा है

तूं वाकई मौला है तूं वाकई खुदा है……।

इस जिस्म जैसा तोहफा दिखता नही है मौला

बख्शा है मुफ्त वर्ना बिकता नही है मौला…..।

है शक्ल तेरी मौला है अक्ल तेरी मौला

मेरी तमाम खुशियां है नक्ल तेरी मौला…….

*पंछी*

मस्त विचार 633

खुशियाँ मिलती नहीं मांगने से..

मजिल मिलती नहीं राह पर रुक जाने से

भरोसा रखना खुद पर और उस रब पर

सब कुछ देता है वो सही वक्त आने पर…

मस्त विचार 632

यादों को तेरी हमने खोने ना दिया,

आंसूओ को भी हमने गिरने ना दिया,

आंखे तो रोज भर आती है तेरी याद मे,

पर तेरी दी हुई कसम ने हमे रोने ना दिया,….

मस्त विचार 631

दिल मे सूकून हो तो भी हो सकती है जिन्दगी हसीन,

_ दौलत से साधन तो खरीदे जा सकते है पर खुशी नही.!!

परेशाँ होने वालों को सुकूँ कुछ मिल भी जाता है,

_ परेशाँ करने वालों की परेशानी नहीं जाती.!!

मस्त विचार 630

जिस तरह सिलाई मशीन में धागा नहीं डालने पर

वो चलती तो है, पर कुछ सिलती नहीं…

इसी तरह रिश्तों में प्यार नहीं डालोगे,

तो ज़िन्दगी चलेगी ज़रूर, पर रिश्तों को जोड़ नहीं पायेगी.

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