मस्त विचार 629
पलकों में बन के आंसू…..तू चला आता है……..
जुदा हो के भी…………तू मुझमे कहीं बाकी है…
पलकों में बन के आंसू…..तू चला आता है……..
जुदा हो के भी…………तू मुझमे कहीं बाकी है…
कल और भी बदतर होगा, लेकिन परसों धूप खिलेगी.
ना सीधी हाँ बोलते हैं ना सीधी ना बोलते हैं….!
जिसमे दिखे फायदा अपना, बस वही मीठी मीठी जुबां बोलते हैं…!!
भले चंद लम्हों की दे ..लेकिन “बेमिसाल” दे.
नही मांगता ए खुदा कि.. “जिंदगी” सौ साल की दे
खबर ही ना थी कि तुम मेरी रूह में समाये हुए हो.
किस कदर हम तुझको तलाशते रहे दर-ब-दर ..
यार मेरे हम और करीब आ जाएँ तो अच्छा है. जमाने की परवाह करेंगे तो जी न पाएंगे. आ जाओ यह रिश्ता हम निभाएं तो अच्छा है.
मेरी पसन्द तेरी पसन्द से मिल जाए तो अच्छा है.