मस्त विचार 708
ये हमें ना हँसा सकी हम इसे हँसा लेंगे….
ज़िन्दगी बड़ी नागवार गुज़री तो क्या….
ये हमें ना हँसा सकी हम इसे हँसा लेंगे….
ज़िन्दगी बड़ी नागवार गुज़री तो क्या….
कुछ उस ने तोड़े हैं _ कुछ मैंने ..!!
ज़िन्दगी और मेरे बीच कई वादे थे
आजकल अपने काम से काम रखने लगा हुँ मैं !!!
बहुत ही मुश्किल काम करने लगा हुँ मै!!!!
लोग वही सुनते है, जो वे सुनना चाहते हैं…
सफ़ाई देने में, और स्पष्ट करने में अपना समय बर्बाद न करें.
ना ही कोई खुशी, उतनी स्थायी.
पढ़ने से सस्ता कोई मनोरंजन नहीं,