मस्त विचार 644

तेरी तलाश में निकला हूँ मै इस तूफान में,

ना मिला तू, तो मै थक कर आ गया घर में,

घर में कदम रखते ही, लगा मेरे पीछे ही आ गया तू,

मिला तू मुझे मेरे ही में,

मै शायद भूल गया और बेवजह निकल पड़ा बाहर,

तू मिल गया मुझे मेरे ही में . 

मस्त विचार 643

कल को आज कर दो, उम्र को बेताज कर दो.

जिन्दगी को परवाज कर दो.

फिर खुशियाँ सब साथ होगी, मंजिल भी तुम्हारे पास होगी.

मस्त विचार 641

इज्जत हमेशा इज्जतदार लोग ही करते हैं,

क्यों कि…….

जिन के पास खुद इज्जत नहीं…..

वो किसी और को क्या इज्जत देंगे.

मस्त विचार 640

बदली-बदली दुनिया है ये बदले-बदले लोग हैं,

भारी – भारी बातें हैं पर हल्के हल्के लोग हैं.

पता नहीं कब दोस्त यहाँ अपना दुश्मन बन जाएगा,

गहरे – गहरे वादे हैं पर उथले – उथले लोग हैं.

बगुला भगत बने फिरते पर हंस खूब कहलाते हैं,

भीतर से काले, ऊपर से उजले – उजले लोग हैं.

डांवाडोल लिए दिल फिरते, बातें करते सधी हुयी,

जाने किस मद में हैं डूबे बहके – बहके लोग हैं.

मेरी मानो तो दुनियाँ की बातों में मत आ जाना,

भीतर तो दुर्गंध लिए, पर महके – महके लोग हैं.

error: Content is protected