मस्त विचार 696

क्या हुआ अगर देख कर मूंह फेर लेते हैं वो…

तसल्ली हैं कि अभी तक शक्ल की पहचान बाकी हैं…!

मस्त विचार 695

चलता रहूँगा मै पथ पर

चलने मे माहीर बन जाऊँगा.

…..या तो मंजिल मिल जायेगी

….या मूसाफिर बन जाऊँगा.

मस्त विचार 693

छोटीबड़ी समस्याएं हर एक की जिंदगी का हिस्सा होती हैं लेकिन अपनी समस्याओं के हल के लिए हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना सही नहीं है. सही समय पर सही निर्णय और आत्मविश्वास से ही समस्याओं से पार पाया जा सकता है.

मस्त विचार 691

पहचान से मिला काम कम समय के लिए ही चलता है, _

_ लेकिन काम से मिली पहचान जिन्दगी भर रहती है.

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