मस्त विचार 690
रात हो या उम्र, एक ना एक दिन कट ही जाएगी.
रात हो या उम्र, एक ना एक दिन कट ही जाएगी.
सच है दुनिया वालो की हम हैँ अनाड़ी…
आप का स्वभाव ही आपका भविष्य है.
खूब लिखी है ग़लतियों से जुदा तू भी नही, मैं भी नही, दोनो इंसान हैं, खुदा तू भी नही, मैं भी नही .. ” तू मुझे ओर मैं तुझे इल्ज़ाम देते हैं मगर, अपने अंदर झाँकता तू भी नही, मैं भी नही ” .. ” ग़लत फ़हमियों ने कर दी दोनो मैं पैदा दूरियाँ, वरना फितरत का बुरा तू भी नही, मैं भी नही.
और जो अपना सब छोड़ कर आए, _ उसे तवज्जों नही देता !
सारा दोष बस ऐसी फितरत का ही है !
जो परिंदा अपने लिये आसमान ढूँढ़ता है !!