मस्त विचार 626
भले चंद लम्हों की दे ..लेकिन “बेमिसाल” दे.
भले चंद लम्हों की दे ..लेकिन “बेमिसाल” दे.
खबर ही ना थी कि तुम मेरी रूह में समाये हुए हो.
यार मेरे हम और करीब आ जाएँ तो अच्छा है. जमाने की परवाह करेंगे तो जी न पाएंगे. आ जाओ यह रिश्ता हम निभाएं तो अच्छा है.
उन के लिए ख़राब समय कभी भी आ सकता है.
सुख दुःख को छक कर पीना सीख जाएँ, आए संकट नहीं घबराएँ, मस्त हो कर जीना हम सीख जाएँ.
यहाँ तो हर कोई वफा की उम्मीद दे कर बेवफाई कर जाता है.