मस्त विचार 624

मेरी पसन्द तेरी पसन्द से मिल जाए तो अच्छा है.

यार मेरे हम और करीब आ जाएँ तो अच्छा है.

जमाने की परवाह करेंगे तो जी न पाएंगे.

आ जाओ यह रिश्ता हम निभाएं तो अच्छा है.

मस्त विचार 622

ज़िन्दगी को हम ऎसे जीना सीख जाएँ,

सुख दुःख को छक कर पीना सीख जाएँ,

आए संकट नहीं घबराएँ,

मस्त हो कर जीना हम सीख जाएँ. 

मस्त विचार 621

 मिलती है कहाँ वफा ज़रा हमे भी तो बताओ दोस्तों

यहाँ तो हर कोई वफा की उम्मीद दे कर बेवफाई कर जाता है.

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