मस्त विचार 682

सदा उन के कर्जदार रहिये जो आप के लिए

कभी खुद का वक्त नहीं देखता है,

और

सदा उन से वफ़ादार रहिये जो व्यस्त होने के

बावजूद भी आप के लिए वक़्त निकालता है.

मस्त विचार 681

इस दुनियाँ के हर शख्स को नफरत है “झूठ” से…

मैं परेशान हूँ ये सोच कर, कि फिर ये “झूठ” बोलता कौन है”.

मस्त विचार 680

चुप रहना भी एक कला है ,

इस संसार में जिस को भी ये आ गया ,

वो बिना किसी आवाज के बुलंदीयो पर पहुँच जाता है.

मस्त विचार 679

मुस्कुराओ…. क्योंकि यह मनुष्य होने की पहली शर्त है, एक पशु कभी भी नहीं मुस्कुरा सकता.
मुस्कुराओ….. क्योंकि मुस्कान ही आपके चेहरे का वास्तविक श्रृंगार  है, मुस्कान आपको किसी बहुमूल्य आभूषण के अभाव में भी सुन्दर दिखाएगी.
मुस्कुराओ….. क्योंकि दुनिया का हर आदमी खिले फूलों और खिले चेहरों को पसंद करता है.
मुस्कुराओ….. क्योंकि क्रोध में दिया गया आशीर्वाद भी बुरा लगता है और मुस्कुराकर कहे गए बुरे शब्द भी अच्छे लगते हैं.
मुस्कुराओ….. क्योंकि परिवार में रिश्ते तभी तक कायम रह पाते हैं, जब तक हम एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते रहते हैं.
मुस्कुराओ….. क्योंकि आपकी हँसी किसी की ख़ुशी का कारण बन सकती है.
मुस्कुराओ….. कहीं आपको देखकर कोई किसी गलत फहमी में न पड़ जाए, क्योंकि मुस्कराना जिन्दा होने की पहली शर्त भी है.
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