मस्त विचार 620

हर “इंसान” अपनी “जुबां” के “पीछे” “छुपा” हुआ है !!

अगर उसे “समझना” है तो उसे “बोलने” दो….!!!”

मस्त विचार 618

किस लिए गम तेरे घनेरे हैं, मुस्कुराने से किस ने रोका है,

ज़िन्दगी में बहुत सबेरे हैं, और थोड़े से बस अँधेरे हैं.

मस्त विचार 617

ताकत की जरुरत तभी होती है, जब कुछ बुरा करना हो –

वर्ना – दुनिया में सब कुछ पाने के लिए प्यार ही काफी है.

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