मस्त विचार 620
अगर उसे “समझना” है तो उसे “बोलने” दो….!!!”
हर “इंसान” अपनी “जुबां” के “पीछे” “छुपा” हुआ है !!
अगर उसे “समझना” है तो उसे “बोलने” दो….!!!”
हर “इंसान” अपनी “जुबां” के “पीछे” “छुपा” हुआ है !!
सुकून ढूंढने चले थे और नींद ही गँवा बैठे.
अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है काफ़िला ज़िन्दगी का,
ज़िन्दगी में बहुत सबेरे हैं, और थोड़े से बस अँधेरे हैं.
किस लिए गम तेरे घनेरे हैं, मुस्कुराने से किस ने रोका है,
वर्ना – दुनिया में सब कुछ पाने के लिए प्यार ही काफी है.
हर मुश्किलें अपना हल खुद ढूंढ लेती हैं.