मस्त विचार 557

मेरी सारी कमियां, मेरे सारे दोष, मेरी सारी गलतियों को अनदेखा कर के, मुझे माफ कर देना “मेरे यार”

…क्योंकि मै जिस माहौल में रहता हूँ उसे दुनिया कहते हैं.

मस्त विचार 556

अन्य लोगों से राय- मशवरा करना अत्यन्त आवश्यक और सुन्दर है,

परन्तु इस बात को सुनिश्चित करें कि अन्त में फैसला आपका ही होना चाहिए.

मस्त विचार 555

स्वागत करने को तेरा,

हम ने पलकों को बिछाया है.

याद में तेरी आंसू को बहाया है.

हमें मालूम है आदत तेरी

हौले से

हमारी ओर कदम बढ़ाते हो,

ज्ञान की मस्ती बरसाते हो

चले जाते हो.

तेरे क़दमों की चाप को,हम महसूस करते हैं.

ऎसा सजाया है तुम को इस बार

आ गए हो एक बार

तो फिर

जाने ही तुम को नहीं देंगे.

मस्त विचार 554

हमने उदासियों में गुजारी है ज़िन्दगी-

लगता है डर फ़रेब-ए-वफ़ा से कभी कभी-

ऐसा न हो कि ज़ख्म कोई फिर नया मिले-

अब तक तो जो भी दोस्त मिले बेवफ़ा मिले.

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