मस्त विचार 585
जीवन से नाराजगी कैसी ?
इस से रुठने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए.
जीवन में दुःख के बाद सुख का महत्व दोगुना हो जाता है.
इस से रुठने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए.
जीवन में दुःख के बाद सुख का महत्व दोगुना हो जाता है.
संगमरमर पर अक्सर मैंने लोगो को फिसलते देखा है!!
है न तू बेवफा यह जग को बताने आ जा,
तेरे हमदर्द किस्सों मे क्या कहानी थी,
सारा दुख दूर हो वे किस्से बताने आ जा.
आपके पक्ष में हमेशा और भी लोग होते हैं.
और कुछ इन्सानों से रिश्ता अच्छा लगता है.