मस्त विचार 562

क्या फर्क पड़ता है, हमारे पास कितने लाख, कितने करोड़, कितने घर, कितनी गाड़ियां हैं, खाना तो बस दो ही रोटी है। जीना तो बस एक ही ज़िन्दगी है.

फर्क इस बात से पड़ता है, कितने पल हमने ख़ुशी से बिताये, कितने लोग हमारी वजह से खुशी से जीए …!!

मस्त विचार 561

समय के साथ साथ बहुत कुछ बदल जाता हैं….

लोग भी रास्ते भी…..अहसास भी और कभी कभी हम खुद भी…..

मस्त विचार 559

दाग तेरे दामन के धुले ना धुले,

नेकी तेरी कहीं तुला पर तुले ना तुले,

मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से,

क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले ?

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