मस्त विचार 545

जिंदगी है छोटी, हर पल में खुश हूँ,

काम में खुश हूं, आराम में खुश हूँ,

आज पनीर नहीं, दाल में ही खुश हूँ,

आज गाड़ी नहीं, पैदल ही खुश हूँ,

दोस्तों का साथ नहीं, अकेला ही खुश हूँ,

आज कोई नाराज है, उसके इस अंदाज से ही खुश हूँ,

जिस को देख नहीं सकता, उसकी आवाज से ही खुश हूँ,

जिसको पा नहीं सकता, उसको सोच कर ही खुश हूँ,

बीता हुआ कल जा चुका है, उसकी मीठी याद में ही खुश हूँ,

आने वाले कल का पता नहीं, इंतजार में ही खुश हूँ,

हंसता हुआ बीत रहा है पल, आज में ही खुश हूँ,

जिंदगी है छोटी, हर पल में खुश हूँ.

मस्त विचार 541

खुद को कपडे, लुक व पैसों से न तौलें.

अपने बहुआयामी व्यक्तित्व को पहचानें,

खुद को अपनी खूबियों और खामियों के साथ अपनायें.

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