मस्त विचार 561
समय के साथ साथ बहुत कुछ बदल जाता हैं….
लोग भी रास्ते भी…..अहसास भी और कभी कभी हम खुद भी…..
लोग भी रास्ते भी…..अहसास भी और कभी कभी हम खुद भी…..
रात हो या उम्र इक दिन कट ही जायेगी.
नेकी तेरी कहीं तुला पर तुले ना तुले,
मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से,
क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले ?
सोचू तो बिखर जाऊँ ना सोचू तो किधर जाऊँ…..
…क्योंकि मै जिस माहौल में रहता हूँ उसे दुनिया कहते हैं.
परन्तु इस बात को सुनिश्चित करें कि अन्त में फैसला आपका ही होना चाहिए.