मस्त विचार 561

समय के साथ साथ बहुत कुछ बदल जाता हैं….

लोग भी रास्ते भी…..अहसास भी और कभी कभी हम खुद भी…..

मस्त विचार 559

दाग तेरे दामन के धुले ना धुले,

नेकी तेरी कहीं तुला पर तुले ना तुले,

मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से,

क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले ?

मस्त विचार 557

मेरी सारी कमियां, मेरे सारे दोष, मेरी सारी गलतियों को अनदेखा कर के, मुझे माफ कर देना “मेरे यार”

…क्योंकि मै जिस माहौल में रहता हूँ उसे दुनिया कहते हैं.

मस्त विचार 556

अन्य लोगों से राय- मशवरा करना अत्यन्त आवश्यक और सुन्दर है,

परन्तु इस बात को सुनिश्चित करें कि अन्त में फैसला आपका ही होना चाहिए.

error: Content is protected