मस्त विचार 539

ज़िन्दगी कभी भी बहुत अच्छी नहीं होती. इस पल आप को ज़िन्दगी ने ख़ुशियाँ दी हैं तो अगले ही पल दुःख भी दे सकती है;

इसलिए ज़िन्दगी जैसे मिले, उसे उसी तरह से जीना सीख लो.

मस्त विचार 538

” होने दो तमाशा …….. मेरी भी ज़िन्दगी का,

​मैंने भी मेले में ……. बहुत तालियाँ बजाई हैं ” !!

मस्त विचार 537

बीते कल में बस उतनी ही ताक- झाँक करें, जितनी सुखद हों, उस से सबक लें, उस में जीने की आदत न डालें. बीते कल का गुणगान करने वाले लोग, समय के साथ नहीं चल पाते और पीछे छूट जाते हैं.
यदि बीते कल के बारे में ही सोचते रहोगे तो आने वाला कल बेहतर नहीं बनेगा.

मस्त विचार 536

भरी हुई जेब आपको कई ग़लत रास्तों पर ले जा सकती है,

_ लेकिन खाली जेब आपको ज़िन्दगी के कई मतलब समझाती है.

मस्त विचार 535

रोज कुछ नया सीखें, कुछ नया पढ़ें, कुछ नया काम करें. रोज की गयी यह थोड़ी- थोड़ी मेहनत, छोटी- छोटी बातें ही आपको बड़ा फल देगी.
आप अपने आवरण की चिन्ता छोड़ें, भीतरी गुणों को निखारने के लिए मेहनत करें. जब वो बड़े हो जायेंगे, तो सारी चीजें फीकी पड़ जाएंगी.

मस्त विचार 534

जो चीज ऊपर से खराब दिखती है, जरुरी नहीं कि वह अन्दर से भी वैसी हो. किसी काम या चीज का केवल ऊपरी आवरण देखना बन्द करें — ऐसे में जरुरत है दूर की सोचने की.
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