मस्त विचार 533
अक्सर हम दूसरे की एक गलती के आगे उस की हजार अच्छाइयाँ भूल जाते है. याद करें, जिस व्यक्ति ने आप को चोट पहुंचाई है, पहले कई दफा, वह आप के काम भी आया होगा. तो क्या वह छमा का अधिकारी नहीं ?
तुझकाे चलना हाेगा, तुझकाे चलना हाेगा,
जीवन कही भी ठहरता नही है
आंधी से तूफा, से डरता नही है
तू ना चलेगा ताे चले तेरी राहे
मंजिल काे तरसेगी तेरी निगाहें
तुझकाे चलना हाेगा…?
जुस्तजू मेरी आखरी तुम हो……..
कौन कहता है बर्बादी किसी के काम नहीं आती…….
एक शब्द है ( क़िस्मत ), इससे लड़ कर देखो तुम, हार ना जाओ तो कहना,
एक शब्द है (ईमानदारी ), जमाने में नहीं मिलती, कहीं ढूंढ पाओ तो कहना,
एक शब्द है ( आँसू ) दिल में छुपा कर रखो, तुम्हारी आँखों से ना निकल जाए तो कहना,
एक शब्द है ( बिछड़ना ) इसे सह कर तो देखो, तुम टूट कर बिखर ना जाओ तो कहना,