| Jan 15, 2015 | मस्त विचार
स्वागत करने को तेरा,
हम ने पलकों को बिछाया है.
याद में तेरी आंसू को बहाया है.
हमें मालूम है आदत तेरी
हौले से
हमारी ओर कदम बढ़ाते हो,
ज्ञान की मस्ती बरसाते हो
चले जाते हो.
तेरे क़दमों की चाप को,हम महसूस करते हैं.
ऎसा सजाया है तुम को इस बार
आ गए हो एक बार
तो फिर
जाने ही तुम को नहीं देंगे.
| Jan 15, 2015 | मस्त विचार
हमने उदासियों में गुजारी है ज़िन्दगी-
लगता है डर फ़रेब-ए-वफ़ा से कभी कभी-
ऐसा न हो कि ज़ख्म कोई फिर नया मिले-
अब तक तो जो भी दोस्त मिले बेवफ़ा मिले.
| Jan 14, 2015 | मस्त विचार
उनसे कहना की क़िस्मत पे इतना नाज ना करे,
हमने बारिश में भी जलते मकान देखे हैं.
| Jan 13, 2015 | मस्त विचार
ज़िंदगी को न समझ आज तू सोने जैसी……
ये तो है वक़्त के हाथों में खिलौने जैसी………
| Jan 10, 2015 | मस्त विचार
एक बन्दे ने पूछा क्या है ” जिन्दगी “
दूसरे बन्दे ने खूबसूरत जवाब दिया …..
ना सुख जिन्दगी ,
ना दुख जिन्दगी ,
ना गम जिन्दगी ,
ना खुशी जिन्दगी ,
अपने -अपने कर्मों का हिसाब है जिन्दगी !!
| Jan 10, 2015 | मस्त विचार
जिँदगी की राहो पर कभी यूँ भी होता है.
इंसान खुद रो पड़ता है अकेले मे
किसी को हौँसला देने के बाद.