मस्त विचार 600

क्या. बात करे इस दुनिया. की

“हर. शख्स. के अपने. अफसाने. हैं “

जो सामने. हैं. उसे लोग. बुरा कहते. हैं,

जिसको. देखा. नहीं उसे सब “खुदा”. कहते. है….

मस्त विचार 599

सड़क कितनी ही साफ़ हो, धूल तो हो ही जाती है.

इंसान कितने भी अच्छे हों, भूल तो हो ही जाती है.

मस्त विचार 598

मशरूफ रहने का अंदाज तुझे तन्हा न कर दे, ऐ दोस्त.

..रिश्ते फुर्सत के नहीं, तवज्जो के मोहताज होते हैं.

मस्त विचार 597

हम जब दिन की शुरुआत करते है तब लगता है की पैसा ही जीवन है लेकिन जब शाम को लौट कर घर आते है, तब लगता है, शान्ति ही जीवन है.

मस्त विचार 596

“हर रिश्ते में विश्वास रहने दो;

जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो;

यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का;

न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो..

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