मस्त विचार 541

खुद को कपडे, लुक व पैसों से न तौलें.

अपने बहुआयामी व्यक्तित्व को पहचानें,

खुद को अपनी खूबियों और खामियों के साथ अपनायें.

मस्त विचार 539

ज़िन्दगी कभी भी बहुत अच्छी नहीं होती. इस पल आप को ज़िन्दगी ने ख़ुशियाँ दी हैं तो अगले ही पल दुःख भी दे सकती है;

इसलिए ज़िन्दगी जैसे मिले, उसे उसी तरह से जीना सीख लो.

मस्त विचार 538

” होने दो तमाशा …….. मेरी भी ज़िन्दगी का,

​मैंने भी मेले में ……. बहुत तालियाँ बजाई हैं ” !!

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