मस्त विचार 521
न जाने कब खर्च हो गए पता ही न चला,
वो लम्हे जो छुपा के रखे थे जीने के लिए…
वो लम्हे जो छुपा के रखे थे जीने के लिए…
मगर… नज़दीकियाँ कमाल की रखते हैं.
वो तो इसमे ही व्यस्त हैं कि आप उनके बारे मे क्या सोचते हैं.
बड़े नसीबों से ऐसा कोई शख़्स मिलता है……..