मस्त विचार 515

 इंसान ना कुछ हंसकर सीखता है

ना कुछ रोकर सीखता है

जब भी कुछ अलग सीखता है तो,

या तो किसी का होकर सीखता है…

या फिर किसी को खोकर सीखता है…

मस्त विचार 514

आओ किसी शब मुझे टूट के बिखरता देखो,

मेरी रगो में जहर जुदाई का उतरता देखो….

किस – किस अदा से तुझे माँगा है,

आओ कभी सजदो में मुझे सिसकता देखो….

मस्त विचार 513

ऐसा कतई न सोचें कि आप सब कुछ जान गए हैं और अब सीखने की जरुरत नहीं है, सीखना एक सतत प्रक्रिया है.

मस्त विचार 512

सौभाग्य या दुर्भाग्य व्यक्ति का एक नजरिया होता है,

हमारा नजरिया जैसा होगा, हम खुद के बारे में वही सोचेंगे.

मस्त विचार 511

जब तक किस्मत का सिक्का हवा में है, तबतक खुद के बारे में फैसला कर लो !

क्योंकि जब वो नीचे आएगा, अपना फैसला खुद सुनाएगा..

मस्त विचार 510

 हर सुबह नए काफिले में सवार होता हूँ.

हर दोपहर नए दर्द से नजरें चार होता हूँ.

शाम को गहराती है दर्दे यारी..

फिर नयी सुबह के इन्तज़ार में होता हूँ.

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