मस्त विचार 537

बीते कल में बस उतनी ही ताक- झाँक करें, जितनी सुखद हों, उस से सबक लें, उस में जीने की आदत न डालें. बीते कल का गुणगान करने वाले लोग, समय के साथ नहीं चल पाते और पीछे छूट जाते हैं.
यदि बीते कल के बारे में ही सोचते रहोगे तो आने वाला कल बेहतर नहीं बनेगा.

मस्त विचार 536

भरी हुई जेब आपको कई ग़लत रास्तों पर ले जा सकती है,

_ लेकिन खाली जेब आपको ज़िन्दगी के कई मतलब समझाती है.

मस्त विचार 535

रोज कुछ नया सीखें, कुछ नया पढ़ें, कुछ नया काम करें. रोज की गयी यह थोड़ी- थोड़ी मेहनत, छोटी- छोटी बातें ही आपको बड़ा फल देगी.
आप अपने आवरण की चिन्ता छोड़ें, भीतरी गुणों को निखारने के लिए मेहनत करें. जब वो बड़े हो जायेंगे, तो सारी चीजें फीकी पड़ जाएंगी.

मस्त विचार 534

जो चीज ऊपर से खराब दिखती है, जरुरी नहीं कि वह अन्दर से भी वैसी हो. किसी काम या चीज का केवल ऊपरी आवरण देखना बन्द करें — ऐसे में जरुरत है दूर की सोचने की.

मस्त विचार 533

अक्सर हम दूसरे की एक गलती के आगे उस की हजार अच्छाइयाँ भूल जाते है. याद करें, जिस व्यक्ति ने आप को चोट पहुंचाई है, पहले कई दफा, वह आप के काम भी आया होगा. तो क्या वह छमा का अधिकारी नहीं ?

मस्त विचार 532

नदिया चले, चले रे धारा, चंदा चले चले रे तारा

तुझकाे चलना हाेगा, तुझकाे चलना हाेगा,

जीवन कही भी ठहरता नही है

आंधी से तूफा, से डरता नही है

तू ना चलेगा ताे चले तेरी राहे

मंजिल काे तरसेगी तेरी निगाहें

तुझकाे चलना हाेगा…?

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