मस्त विचार 531
अब कोई आरज़ू नही बाकी……
जुस्तजू मेरी आखरी तुम हो……..
जुस्तजू मेरी आखरी तुम हो……..
कौन कहता है बर्बादी किसी के काम नहीं आती…….
एक शब्द है ( क़िस्मत ), इससे लड़ कर देखो तुम, हार ना जाओ तो कहना,
एक शब्द है (ईमानदारी ), जमाने में नहीं मिलती, कहीं ढूंढ पाओ तो कहना,
एक शब्द है ( आँसू ) दिल में छुपा कर रखो, तुम्हारी आँखों से ना निकल जाए तो कहना,
एक शब्द है ( बिछड़ना ) इसे सह कर तो देखो, तुम टूट कर बिखर ना जाओ तो कहना,
याद करने के लिए किसी को मजबूर नहीं करते,
मगर एक बार किसी को अपना बना लें तो,
उसे अपने से कभी दूर नहीं करते.