मस्त विचार 502

दिल की ज़िद और तेरी याद दोनों ने मुझे मजबूर किया है…

वर्ना हम गरीबों का नवाबो से ताल्लुक कैसा………

मस्त विचार 501

वैसे ही दिन,वैसी ही रातें, वही रोज़ का फ़साना लगता है…

अभी चार दिन नहीं गुजरे, साल अभी से पुराना लगता है…!

error: Content is protected