मस्त विचार 513
ऐसा कतई न सोचें कि आप सब कुछ जान गए हैं और अब सीखने की जरुरत नहीं है, सीखना एक सतत प्रक्रिया है.
हमारा नजरिया जैसा होगा, हम खुद के बारे में वही सोचेंगे.
क्योंकि जब वो नीचे आएगा, अपना फैसला खुद सुनाएगा..
हर दोपहर नए दर्द से नजरें चार होता हूँ.
शाम को गहराती है दर्दे यारी..
फिर नयी सुबह के इन्तज़ार में होता हूँ.
_ बस हमारा व्यवहार और नीयत ठीक होनी चाहिए.
_हर एक मुसीबत में वो मददगार है !!
यदि कोई शख्स, अच्छा इन्सान बनने को ही अपने जीवन का उद्देश्य बना ले तो इससे बेहतर और क्या होगा.