मस्त विचार 491

जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, उस गड्ढे में वह खुद ही गिरता है.

बेहतर है कि ऎसी हरकतों से बाज़ आयें.

मस्त विचार 487

फिर न सिमटेगी अगर चाहत बिखर जायेगी,

ज़िन्दगी जुल्फ नही जो संवर जायेगी,

जो खुशी दे थाम लो उसका दामन,

ज़िन्दगी रो के नही हॅस के गुजर जायेगी…..

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