मस्त विचार 486
जीवन द्वन्दों के बीच से गुजरता है, इसी से परिपक्वता आती है
और इसी से जीवन का सौन्दर्य बनता है.
जो जीवनभर… अपने खोए हुए रंगों को खोजता रहता है..
कुछ अपनो ने बदनाम किया, कुछ बन अफसाने झूठ गऐ..
कुछ अपनी शिकस्ता नाव थी, कुछ हमसे किनारे छुट गऐ..!
ऐसी हालत में मदद को मेरी, देखना है अब कौन आता है.
अब कोई वजह नही मिलती मुस्कुराने की..
फिर क्यों नहीं सब पे विश्वास होता हैं !!
इंसान चाहे कितनो भी आम हो….!
वो किसी न किसी के लिए जरुर खास होता हैं !!