मस्त विचार 507

तुम जीवन को जीना सीखाते हो.

सुख- दुःख की कड़ी को मिलाते हो.

हम जीयें ज़िन्दगी मस्तों की तरह.

ऐसी मस्ती तुम ही लाते हो.

मस्त विचार 504

कितनी भी तेज उठे लपटें आग की मगर,

तेरा एक एहसास आए तो सब सर्द हो जाये…

मुझे सरफरोशी से मोह्ब्बत इतनी हो गयी है,

दर्द भी मेरे आगोश में आकर बेदर्द हो जाये…..

मस्त विचार 502

दिल की ज़िद और तेरी याद दोनों ने मुझे मजबूर किया है…

वर्ना हम गरीबों का नवाबो से ताल्लुक कैसा………

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