मस्त विचार 479

मुझे फिर से मिट्टी में खेलने दे ऐ ज़िन्दगी,

ये साफ़- सुथरी ज़िन्दगी, उस मिट्टी से भी ज्यादा गन्दी है.

मस्त विचार 477

नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है….

लोग “रूलाना” नहीं छोडते…और ज़िंदादिल “हंसना” नहीं छोडते…

मस्त विचार 476

आप जो भी काम करते हैं, उसके बारे में अच्छा सोचें. उस काम का बेहतरीन पहलू तलाशें, पता लगाएँ कि उस मे आप की भूमिका कितनी बड़ी है — अपने काम को हम खुद महत्वपूर्ण बनाते हैं.

मस्त विचार 475

इधर- उधर से सुनी- सुनाई बातों को दूसरों तक पहुँचाने में अपना समय व्यर्थ न गंवाए . इस से आप की इमेज कानाफूसी करने वाले व्यक्ति की बन जाती है .

error: Content is protected