मस्त विचार 474
अजीब दास्तान है….इस छोटे-से दिल की…..
मरम्मत हम करें…सुधारें भी हम..और तोड़ कोई ओर दे…..!!
मरम्मत हम करें…सुधारें भी हम..और तोड़ कोई ओर दे…..!!
कि कहाँ उड़ गये वो परिंदे जो वाह वाह किया करते थे.
वह अपने काम करें, आप अपना काम करते चले जाइए.
मजा तो तब है जब आप सामने वाले को बदल डालो.
जिस भाव को हम न चाहें, उसे अपने मन में आने ही न दें.