मस्त विचार 487

फिर न सिमटेगी अगर चाहत बिखर जायेगी,

ज़िन्दगी जुल्फ नही जो संवर जायेगी,

जो खुशी दे थाम लो उसका दामन,

ज़िन्दगी रो के नही हॅस के गुजर जायेगी…..

मस्त विचार 486

जीवन द्वन्दों के बीच से गुजरता है, इसी से परिपक्वता आती है और इसी से जीवन का सौन्दर्य बनता है.

मस्त विचार 485

प्रत्येक मनुष्य एक अधूरा इंद्रधनुष है…

जो जीवनभर… अपने खोए हुए रंगों को खोजता रहता है..

मस्त विचार 484

कुछ हम थे तबीयत के सादे, कुछ लोग बेगाने लुट गऐ..

कुछ अपनो ने बदनाम किया, कुछ बन अफसाने झूठ गऐ..

कुछ अपनी शिकस्ता नाव थी, कुछ हमसे किनारे छुट गऐ..!

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