मस्त विचार 467

यदि कोई आपको धन्यवाद नहीं देता या आपका लाभ उठाता है. उसे धन्यवाद दें, क्योंकि बाद में वह आपको ब्याज समेत लौटाएगा. हमें यह खेद नहीं होना चाहिए कि हमारी प्रशंसा नहीं हुई या हमारा लाभ उठाया गया.

मस्त विचार 466

हम यह कैसे जानें कि क्या ग़लती ग़लती है ?

ग़लती वह है जो हमें चुभन देती है,

यह चुभन ही हमारी अन्तरात्मा को कचोटती है

और ग़लती को दोबारा नहीं होने देती.

मस्त विचार 464

मंज़िलें तो बहुत हैं पर कोई साथ नहीं,

वीरानों में भटकना ही मेरी ज़िन्दगी है,

लगता है जैसे किसी को मेरी जरुरत नहीं,

मंज़िलें तो बहुत है पर कोई साथ नहीं.

मस्त विचार 463

जरा सा पैर क्या फिसला _ इल्जाम उसी चप्पल पर लगाया सबने.

महीनों तपती जमीन और कांटों से _ बचाया था जिसने…

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