मस्त विचार 541
खुद को कपडे, लुक व पैसों से न तौलें.
अपने बहुआयामी व्यक्तित्व को पहचानें,
खुद को अपनी खूबियों और खामियों के साथ अपनायें.
अपने बहुआयामी व्यक्तित्व को पहचानें,
खुद को अपनी खूबियों और खामियों के साथ अपनायें.
_ किसी की कहानी में शायद मैं भी गलत हूँ !!
इसलिए ज़िन्दगी जैसे मिले, उसे उसी तरह से जीना सीख लो.
मैंने भी मेले में ……. बहुत तालियाँ बजाई हैं ” !!
_ लेकिन खाली जेब आपको ज़िन्दगी के कई मतलब समझाती है.