मस्त विचार 477
नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है….
लोग “रूलाना” नहीं छोडते…और ज़िंदादिल “हंसना” नहीं छोडते…
लोग “रूलाना” नहीं छोडते…और ज़िंदादिल “हंसना” नहीं छोडते…
आप जो भी काम करते हैं, उसके बारे में अच्छा सोचें. उस काम का बेहतरीन पहलू तलाशें, पता लगाएँ कि उस मे आप की भूमिका कितनी बड़ी है — अपने काम को हम खुद महत्वपूर्ण बनाते हैं.
इधर- उधर से सुनी- सुनाई बातों को दूसरों तक पहुँचाने में अपना समय व्यर्थ न गंवाए . इस से आप की इमेज कानाफूसी करने वाले व्यक्ति की बन जाती है .
मरम्मत हम करें…सुधारें भी हम..और तोड़ कोई ओर दे…..!!
कि कहाँ उड़ गये वो परिंदे जो वाह वाह किया करते थे.