मस्त विचार 471
अगर ग़लत लोग मिल भी जाएँ, उनके मिल जाने से घबराना नहीं.
वह अपने काम करें, आप अपना काम करते चले जाइए.
वह अपने काम करें, आप अपना काम करते चले जाइए.
मजा तो तब है जब आप सामने वाले को बदल डालो.
जिस भाव को हम न चाहें, उसे अपने मन में आने ही न दें.
पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला.
ग़लती वह है जो हमें चुभन देती है,
यह चुभन ही हमारी अन्तरात्मा को कचोटती है
और ग़लती को दोबारा नहीं होने देती.