मस्त विचार 471

अगर ग़लत लोग मिल भी जाएँ, उनके मिल जाने से घबराना नहीं.

वह अपने काम करें, आप अपना काम करते चले जाइए.

मस्त विचार 469

इच्छा शक्ति इतनी प्रबल होनी चाहिए कि,

जिस भाव को हम न चाहें, उसे अपने मन में आने ही न दें.

मस्त विचार 467

यदि कोई आपको धन्यवाद नहीं देता या आपका लाभ उठाता है. उसे धन्यवाद दें, क्योंकि बाद में वह आपको ब्याज समेत लौटाएगा. हमें यह खेद नहीं होना चाहिए कि हमारी प्रशंसा नहीं हुई या हमारा लाभ उठाया गया.

मस्त विचार 466

हम यह कैसे जानें कि क्या ग़लती ग़लती है ?

ग़लती वह है जो हमें चुभन देती है,

यह चुभन ही हमारी अन्तरात्मा को कचोटती है

और ग़लती को दोबारा नहीं होने देती.

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