मस्त विचार 383
तुझे याद करना भी अब दिल का धड़कना सा बन गया है,
पता ही नहीं ज़िन्दगी साँसों से चल रही है या तेरी यादों से.
पता ही नहीं ज़िन्दगी साँसों से चल रही है या तेरी यादों से.
जिधर भी देखूँ,,,,,,”तू-ही-तू” बिखरी पड़ी है..
कुछ लोग फिर पेश आ रहे हैं बहुत प्यार से….!!
वह कई प्रकार के सुखों को अपने साथ जोड़ लेता है.
और ज़िन्दगी की हर शाम तजुर्बे दे जाती है.
लफ्ज़ सहने वाले कमाल करते है……..