मस्त विचार 377
एक दिन किसी ने मुझ से पूछा
तू अपने यार में इतना क्यों खोया है ?
तब मैंने उन से कहा
उसी ने तो हँसना सिखाया है
वरना जो भी मिला उसी ने रुलाया है.
तू अपने यार में इतना क्यों खोया है ?
तब मैंने उन से कहा
उसी ने तो हँसना सिखाया है
वरना जो भी मिला उसी ने रुलाया है.
“नज़र उठाओ सामने ज़िंदगी खड़ी है,
“अपनी हँसी को होंठों से न जाने देना!
“क्योंकि आपकी मुस्कुराहट के पीछे दुनिया पड़ी है…!!!
और नखरे तेरे, मौत से भी ज्यादा…….
जुस्तजू मेरी आखरी तुम हो……..
नफरत उनसे करो जो भूलना जानते हो,
गुस्सा उनसे करो जो मनाना जानते हो,
प्यार उनसे करो जो दिल लुटाना जानते हो ।
तू मेरी खवाहिशो को कम कर दें.